रोहित शर्मा का जीवनी | Rohit Sharma biography in Hindi

रोहित शर्मा (Rohit Sharma) का जीवन परिचय

मोहल्ले के गलियों में क्रिकेट खेलने वाला वह बच्चा एक दिन भारतीय टीम में खेलेगा ये किसी को भी अंदाजा नहीं था और उस टीम का कप्तान भी बनेगा ये कभी किसी ने सोचा भी नहीं था, इस ब्लॉग में आप एक ऐसे क्रिकेटर की कहानी जानेंगे जिनका जीवन बहुत ही संघर्षपूर्ण रहा है। सबसे ज्यादा संघर्ष इनके परिवार वालों ने किया है खासकर इनके सभी चाचाओं ने जितनी मेहनत अपने भतीजे को उसकी सफलता में हाथ बढ़ाया है उतना किसी ने नहीं किया होगा। तो आज हम रोहित शर्मा के जीवन से जुड़ी कुछ अहम दिलचस्प बाते जानेंगे जो आप इससे पहले आप मे से कुछ लोगों को पता नहीं होगी।

बहुत ही कम समय में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से सबको चौका दिया है, इतने इतने लंबे लंबे छक्के लगाते है कि लोग देख कर चौंक जाते हैं। इतना कम समय में इन्होंने भारतीय टीम में अपनी शानदार जगह बनाई है लोग अब इन्हे देखना ज्यादा पसंद करते है, आज जो कुछ भी है इनके पूरे परिवार को क्रेडिट जाता है। आज के वर्तमान समय में रोहित शर्मा आईपीएल टीम मुंबई इंडियन टीम जोकि मुकेश अंबानी जिसके मालिक है उस टीम के रोहित शर्मा कप्तानी भी करते हैं।

Rohit Sharma photo
Rohit Sharma Real Name रोहित गुरुनाथ शर्मा
Rohit Sharma birthday30 अप्रैल 1987
Rohit Sharma Birth placeनागपूर के बंसोड़ इलाके में (महाराष्ट्र)
Rohit Sharma Age35 साल (2022)
Rohit Sharma nicknameरोहित, हिटमैन
Rohit Sharma education
Rohit Sharma School
Rohit Sharma Collage/ University
Rohit Sharma Occupation क्रिकेटर (शानदार बैट्स्मैन)
Rohit Sharma Mother nameपूर्णिमा शर्मा
Rohit Sharma father nameगुरुनाथ शर्मा
Rohit Sharma father occupation ट्रांसपोर्ट कंपनी में care taker
Rohit Sharma brother nameविशाल शर्मा (रोहित शर्मा से छोटा)
Rohit Sharma wife nameरीतिका शर्मा (विवाह – 13 दिसम्बर 2015)
Rohit Sharma children1 बेटी
Rohit Sharma daughter nameसमायरा शर्मा

रोहित शर्मा का जन्म, परिवार व शिक्षा

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रोहित शर्मा असली नाम रोहित गुरुनाथ शर्मा है जन्म 30 अप्रैल 1987 को नागपूर के बंसोड़ इलाके में (महाराष्ट्र) बहुत ही गरीब परिवार में हुआ, पिता का नाम गुरुनाथ शर्मा है और माताजी का नाम पूर्णिमा शर्मा है। रोहित शर्मा और उनके परिवार वालों कि आर्थिक स्थिति बेहद ही खराब दौर से गुजर रही थी, बावजूद इसके परिवार वालों ने हार नहीं मानी और अपने पुत्र को क्रिकेट में रुचि देख किसी तरह सभी चाचाओ ने मिलकर पैसे जोड़कर छोटे रोहित को क्रिकेट अकादेमी में भर्ती करवाया। फीस भी इतनी कम थी कि सभी अंकल को पैसे कन्ट्रिब्यूट करना पड़ा फीस मात्र 275 रुपये थी, 275 रुपये फीस के लिए पैसे नहीं थे रोहित के परिवार वालों के पास।

इनके पिता मुंबई के ट्रांसपोर्ट कंपनी में केयर टैकर का काम करते थे, इनकी माता जी हाउस वाइफ है इनका एक छोटा भाई जिसका नाम विशाल शर्मा है। रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के परिवार वालों कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण रोहित के नाना नानी ने अपने पास बुला लिया, और ज्यादा वक्त अपने नाना नानी और अपने अंकल के साथ गुजारा सप्ताह मे एक बार रोहित शर्मा अपने माता पिता से मिलने अवश्य आते थे।

रोहित शर्मा का क्रिकेट सफरनामा

गली क्रिकेट से शुरुआत करने वाले एक छोटे से बच्चे क्रिकेट खेलने में इतने माहिर इतने अच्छे खेलते थे, घर वालों को लगा कि उसे क्रिकेट अकादेमी में भर्ती कराना चाहिए। क्रिकेट Academy गए तो पता चला कि फीस बहुत ज्यादा है तो Fees भरने के लिए उसके जितने भी अंकल थे सभी को 50-50 रुपये जमा करने पड़ा। क्योंकि माता पिता बहुत गरीब थे और पिता मुंबई के एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में care taker का काम करते थे, और मात्र डेढ़ साल की उम्र मुंबई के डोंबिवली में आना पड़ा क्योंकि वहाँ वो अपने अंकल और grand parents के साथ रहते थे।

रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का बड़ा शौक था, और गली मोहल्ले में होनेवाले क्रिकेट मैच में अक्सर खेला करते थे। रोहित शर्मा को अच्छा खेलता देख उनके चाचा ने साल 1999 में एक क्रिकेट अकादेमी में भर्ती कराया।

क्रिकेट Academy में तो दाखिला तो हो गया था लेकिन इतना से कुछ नहीं होने वाला था वहाँ एक कोच था दिनेश लाड उसकी नजर उस छोटे से बच्चे पर पड़ी और कहा ये तो बहुत बढ़िया खेलता है छोटा सा है, किन्तु इसमे टैलेंट है। इसे अभी से ही और भी बेहतर बनाया जा सकता है, इसको अच्छी facility मिलनी चाहिए अच्छी ट्रेनिंग मिलनी चाहिए। तो उस ट्रैनर ने उसके परिवार वालों से कहा कि इस बच्चे को क्रिकेट स्कूल चेंज करना चाहिए। आपलोग इस बच्चे को विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल में दाखिल करवाओ, घर में सारे अंकल भी राजी हुए और तय भी हो गया था कि अब ये विवेकानंद स्कूल में ही जाएगा।

और उस समय इनके कोच दिनेश लाड हुआ करते थे, बहुत कम लोगों कि ही पता होगा कि रोहित शर्मा शुरू शुरू में स्पिन baller हुआ करते थे। जब इनके कोच ने रोहित शर्मा को बैटिंग प्रेक्टिस करते हुआ देखा तो लगा कि इसका बैटिंग में अच्छा है और अगर इसपर ध्यान दिया जाए तो और भी अच्छा कर सकता है, एक अच्छे बल्लेबाज बन सकता है। उसके बाद उसके कोच ने कहा कि तुम बल्लेबाजी पर भी ध्यान दो उसके बाद रोहित शर्मा ने बल्लेबाजी पर भी ध्यान देना शुरू किया। कुछ समय के बाद रोहित शर्मा एक अच्छे बल्लेबाज बनकर उभरे, उसके बाद उसके कोच ने स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल जॉइन करने को कहा।

जब विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल पहुंचे तो Fees पता चली और fees के लिए 4-5 अंकल को कोच को और दोस्तों को पैसे कंट्रीब्यूट करने पड़े ऐसी स्थिति थी। आखिर फीस कितनी थी, और फीस इतनी की बता नहीं सकते मा‌त्र 275 रुपये थी, जो हर महीने की थी इसके लिए इतने लोगों को कान्ट्रब्यूशन करना पड़ा। इतने पैसे से तो आज के लोग ऐसे ही दिनभर में पान बीड़ी व गुटखा खाकर उड़ा देते हैं। लेकिन उसी 275 रुपये के लिए कई लोगों को मिलकर देने पड़े, तब जा के उसका Admission हुआ कुछ सालो के बाद रिवार्ड के तौर पर 4 साल का Scholarship मिली।

रोहित शर्मा (Rohit Sharma) शुरुआत में करीब 8 नंबर पर बैटिंग करने के लिए उतरते थे, लेकिन इन्टर स्कूल टूर्नामेंट मैच के दौरान रोहित शर्मा को उसके कोच ने ओपनिंग करने को कहा, उसके बाद रोहित शर्मा ने ओपनिंग करते हुए 140 रन बना डाले। उस दिन के बाद से रोहित शर्मा टीम के शानदार बल्लेबाजों में गिने जाने लगे। स्कूलिंग क्रिकेट मैच में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद साल 2005 में देवधर ट्राफी में वेस्ट ज़ोन कि तरफ से खेलते हुए अपनी क्रिकेट करिअर कि शुरुआत की। नॉर्थ ज़ोन के खिलाफ खेली गई मैच में 123 गेंदों में 142 रन के नाबाद पारी ने उसको रातों रात सुर्खियों में ला दिया।

उसके बाद साल 2006 में ही चैम्पीयन ट्राफी खेलने वाली 30 संभावित खिलाड़ी के लिस्ट में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) का भी नाम शामिल था। लेकिन जब फाइनल मैच होने वाला था उसमे रोहित शर्मा अपनी जगह नहीं बना पाए, और उसी साल जुलाई 2006 में इंडिया ए कि तरफ से खेलते हुए न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेलते हुए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डैब्यू किया। इंडिया ए टीम के द्वारा खेले गए इस मैच में रोहित ने शानदार 22 गेंदों में 57 रन बनाए और 3 विकेट से इस मैच को जीत लिया।

उसी साल 2006 में मुंबई के तरफ से खेलते हुए रणजी टॉफी में डैब्यू किया, और उसी साल गुजरात के खिलाफ खेले मैच में 205 रन के शानदार खेले पारी ने इनको फिर से एक बार सुर्खियों में आ गए। और फाइनल मैच में बंगाल के खिलाफ 57 रन कि शानदार पारी खेली और मुंबई टीम को रणजी ट्राफी में जीत दिलाने का सबसे ज्यादा श्रेय रोहित शर्मा को जाता है। डोमेस्टिक क्रिकेट मैच में उनके शानदार प्रदर्शन ने नैशनल टीम में आने के रास्ते खोल दिए। और साल 2007 में आयरलैंड के खिलाफ एक सीरीज में जगह भी दी गई, इस तरह 23 जून 2007 को उन्हे आयरलैंड के खिलाफ खेलने का अंतर्राष्ट्रीय मैच में अपना पहला कदम रखा।

लेकिन इस मैच में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला, उसके बाद साल 2007 में होने वाले T20 वर्ल्ड कप मैच में भारतीय टीम में शामिल किया गया। जहाँ इन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलते हुए नाबाद 40 गेंदों में 50 रन कि अहम पारी खेली जिसके बदौलत भारतीय टीम ने शानदार 37 से अपनी जीत दर्ज की। और भारतीय टीम सेमी फाइनल में पहुंची और फाइनल मैच में पाकिस्तान के खिलाफ 17 गेंदों में 30 रन कि शानदार पारी खेली और इस तरह भारतीय टीम पाकिस्तान की टीम को हरा कर पहली बार वर्ल्ड T20 मैच के विजेता बने।

उसके बाद रोहित शर्मा को दोबारा एक दिवसीय क्रिकेट मैच खेलने का मौका दिया गया जहाँ पर ठीक ठाक प्रदर्शन किया, लेकिन साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोम्मनवेल्थ सीरीज में पहले फाइनल में 66 रन कि शानदार पारी खेली। और मास्टर ब्लास्टर कहे जाने वाले खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के साथ 123 रनों की शानदार साझेदारी खेली, और टीम को जीत दिलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उसके बाद रोहित शर्मा कभी बढ़िया खेले तो कभी खराब जिसके चलते उन्हे भारतीय टीम से कई बार बाहर निकाला गया फिर कई बार टीम में शामिल गया। उसके बाद फिर से रोहित शर्मा डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने लगे।

और साल 2009 में रणजी ट्राफी में गुजरात के खिलाफ खेलते हुए जबरदस्त नाबाद 309 रन बना दिए, फिर से शानदार डोमेस्टिक क्रिकेट कि बदौलत रोहित शर्मा (Rohit Sharma) साल 2010 में भारतीय इंटरनेशनल टीम में शामिल कर लिया गया। और इसी साल मई 2010 में जिंबाबे के खिलाफ शानदार 114 रन की पारी खेली और एकदिवसीय क्रिकेट मैच में अपना पहला शतक जड़ दिया। और इसी के अगले मैच में भी श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाकर शानदार प्रदर्शन किया। और भी ऐसे बहुत से मैच इन्होंने खेले जिसमे इन्होंने किसी में अच्छा प्रदर्शन किया तो किसी मैच में खराब प्रदर्शन किया।

रोहित शर्मा के रिकार्ड

रोहित शर्मा को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार मिला, अर्जुन पुरस्कार मिला जिसके नाम एक इनिंग मे सबसे जायदा छक्के लगाने का रिकार्ड भी है जिनके नाम 3 डबल century नाम है ODI में सबसे ज्यादा रन स्कोर करने का रिकार्ड है। रोहित शर्मा की कामयाबी में उसके एक एक अंकल की खून पसीना है ना कि रोहित शर्मा की उसके माता पिता उसके अंकल उसके कोच का दोस्त का सभी का योगदान है तब जाकर आज रोहित शर्मा का अस्तित्व बन पाया है, एक शख्स से शख्सियत बन पाया तब जाकर रोहित शर्मा आज रोहित शर्मा है लोग उसे जानते हैं पहचानते हैं उनसे मिलना चाहते हैं उनके साथ फोटो खिंचवाना चाहते हैं।

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