Category: Jharkhand History

छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908

छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908 आज हम इस आर्टिकल में झारखंड के छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908 के बारे में जानेंगे कि आखिर यह क्या है। अध्याय – 1 प्रारंभिकी ( छोटानागपुर…

झारखंड में ईसाइयों का प्रवेश

ईसाइयों का झारखंड में आगमन गाँस्सनर मिशन झारखण्ड में सर्वप्रथम जर्मनी के फादर रेवरेंड जे, एस. गाँस्सनर द्वारा 2 नवबर, 1845 को इसाई धार्म प्रचार हेतू चार इसाई प्रचारकों के…

झारखंड में धार्मिक आन्दोलन

झारखंड की कुछ धार्मिक आंदोलन धार्मिक आंदोलन जैन धर्म पारसनाथ पहाड़ी (गिरीडीह) पारसनाथ में निर्वाण प्राप्त करने वाले तीर्थंकर अजीत नाथ विमल नाथ संभव नाथ अनंत नाथ अभिनंदन नाथ धर्म…

झारखंड में अंग्रेजों ने कब प्रवेश किया था?

अंग्रेजों ने झारखंड में कब प्रवेश किया था? तो आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे की अंग्रेज झारखंड में कब और कैसे आए? अंग्रेज झारखंड में कब तक रहे कौन-कौन…

छोटानागपुर भूधृत्ति आधिनियम 1869

छोटानागपुर भूधृत्ति आधिनियम 1869 छोटानागपुर में भुईहरी के नाम भृधूत्तियाँ विद्यमान (अस्तित्व में) हैं। इसे ऐसे लोग धारण करते हैं जो स्वयं को उन गाँवों स्थापित करने वाले मूलवासियों के…

झारखंड भूमि संबंधी अधिनियम, झारखंड के भूमि से संबंधित कानून

झारखंड भूमि संबंधी अधिनियम – Jharkhand Land Related Act आज हम झारखंड भूमि संबंधी अधिनियम के बारे में जानेंगे‌ पहले क्या थी और अब क्या है? अंग्रेजों के समय भूमि…

खरवार जनजाति का इतिहास | Kharvar janjati ka itihas

खरवार जनजाति का इतिहास | Kharvar janjati ka itihas खरवार जनजाति झारखंड के पांचवी सर्वाधिक जनसंख्या वाली जनजाति है। सिंह का मुख्य संकेंद्रण पलामू प्रमंडल में है इसके अलावा हजारीबाग,…

खड़िया जनजाति का इतिहास | Khadiya Janjati ka itihas

खड़िया जनजाति का इतिहास : Khadiya Janjati ka itihas खड़िया जनजाति झारखंड की प्रमुख जनजातियों में से एक है। खड़खड़िया (पालकी) ढोनि के कारण इस जनजाति का नाम खड़िया पड़…

मुंडा जनजाति का इतिहास | Munda janjati ka itihas

मुंडा जनजाति का इतिहास – munda janjati history मुंडा जनजाति झारखंड की तीसरी सबसे प्रमुख जनजाति है। यह लोहरदगा सिंहभूम रांची तथा गुमला जिले में पाए जाते हैं। इनका जीविकोपार्जन…

उरांव जनजाति का इतिहास | Uraon janjati ka itihas

उरांव जनजाति इतिहास : Uraon janjati history यह जनजाति छोटानागपुर के पठार में संथाल परगना जिले में निवास करते हैं। यह आस्ट्रोलायड प्रजाति जनजातिि होते है। उरांव जनजाति कुरुख भाषा…