2019 का झारखंड विधानसभा चुनाव

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के महत्त्वपूर्ण जानकारी

निर्वाचन सीट 81 ( सामान्य – 44, ST – 28, SC -9
बहुमत के आवश्यक सीटें41 सीटें
विधानसभा मतदान के चरण5 चरण में होता है
प्रथम चरण 30 नवंबर, 2019 ( 13 सीटों पर)
दिव॒तीय चरण 7 दिसंबर, 2019 ( 20 सीटें पर)
तृतीय चरण 12 दिसंबर, 2019 ( 17 सीटों पर)
चतुर्थ चरण 16 दिसंबर, 2019 ( 15 सीटों पर)
पंचम चरण 20 दिसंबर, 2019 (16 सीटों पर)
मतगणना तिथि 23 दिसंबर, 2019
राज्य गठन के बाद विधानसभा चुनाव2005 में 57.03% मतदान हुआ
2009 में 56.96% मदतन हुआ
2014 में 66.53% मतदान हुआ
2019 में 65.17% मदतन हुआ
कुल मतदाता की संख्या 2,27, 67,964
पुरुष मतदाता – 1,18, 53, 917 (52.06%)
महिला मतदाता – 1,09, 13,799 (47.93%)
थर्ड जेंडर मतदाता – 248
दिव्यांग मतदाता – 6,17, 374
चुनाव के लिए अधिकतम खर्च सीमा राशि28 लाख ( प्रत्येक प्रत्याशी के लिए)
चुनाव आयोग के सदस्य सुनील अरोरा – मुख्य चुनाव आयुक्त
अशोक लवासा – चुनाव आयुक्त
सुशील चंद्र – चुनाव आयुक्त

इस चुनाव में दिव्यांगों और वरिष्ट नागरिकों के लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा डि गई थी।

2019 विधानसभा चुनाव का परिणाम

पार्टी प्राप्त सीटें
झामुमो30 सीटें
भाजपा25 सीटें
कांग्रेस16 सीटें
झाविमो03 सीटें ( पोङैया, धनवार, मांडर )
निर्दलीय 02 सीटें ( पूर्वी जमशेदपुर, बरकट्टा )
आजसू 02 ( गोमिया, सिल्लीराजद )
सीपीआई ( माले )01 बगोदर
एनसीपी 01 ( हुसैनाबाद )
राजद01 ( चतरा )

2019 विधानसभा चुनाव की महत्वपूर्ण तथ्य

  • राँची विधानसभा सीट से भाजपा के सीपी सिंह लगातार 6 बार विजय दर्ज की।
  • सबसे कम उम्र के विधायक – अंबा प्रसाद ( कांग्रेस ), बड़कागाँव विधानसभा से जीता। इस सीट पर 2009 में अंबा प्रसाद के पिता योगेंद्र साहू तथा 2014 मे इनकी माता निर्मला देवी कांग्रेस पार्टी से चुनाव जीती थी।
  • सबसे अधिक उम्र के विधायक – डॉ. रामेश्वर उरांव ( कांग्रेस ), लोहरदगा विधानसभा सीट से जीता।
  • सर्वाधिक मतों से विजयी प्रत्याशी का नाम – आलमगीर आलम ( कांग्रेस ), पाकुड़ विधानसभा से 65,108 मतों से चुनाव जीता।
  • सबसे कम वोटों से विजयी प्रत्याशी का नाम – भूषण बारा ( कांग्रेस ), सिमडेगा विधानसभा से 285 वोटों से जीता।
  • पूर्वी जमशेदपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी सरयू राय ( चुनाव चिन्ह – गैस सिलन्डर ) ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दस को पराजित किया।
  • 2019 के विधानसभा चुनाव मे कुल प्रत्याशियों की संख्या – 1216
  • 2019 के विधानसभा चुनाव में 22 विधायक पहली बार चुनकर आए थे।
  • 2019 के विधानसभा चुनाव मे 10 महिलायें विधायक चुनी गई। जो झारखंड के अभी तक के चुनावों में सर्वाधिक है।
सर्वाधिक उम्मीदवारईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र ( 31 प्रत्याशी )
न्यूनतम उम्मीदवारसरायकेला विधानसभा क्षेत्र
2005 05 महिलायें
2009 08 महिलायें
2014 09 महिलायें
2019 10 महिलायें
2024
  • 10 महिला विधायकों मे से 06 महिलायें पहली बार विधानसभा मे चुनकर आई।
  • हेमंत सोरेन सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 29 दिसंबर, 2019 को रांची के मोहराबादी मैदान में आयोजित हुआ था।
  • हेमंत सोरेन ( झामुमो ) राज्य के 11वें मुख्यमंत्री के रूप मे शपथ लिया।

5वीं विधानसभा का प्रथम सत्र

सत्र की अवधि 6 जनवरी, 2019 से 8 जनवरी, 2019
प्रोटेम स्पीकर प्रो. स्टीफन मरांडी
विधायकों का शपथ ग्रहण6 जनवरी
शपथ लेने वाले कुल विधायकों की संख्या78 विधायक
  • हेमंत सोरेन बरहेट और दुमका 2 सीटों से चुने गए, उन्होंने बरहेट सीट से विधानसभा सदस्य के रूप में सबसे पहले शपथ ग्रहण किया था।
  • बरहेट विधानसभा के विधायक के रूप मे शपथ करने के बाद हेमंत सोरेन ने दुमका विधानसभा सीट से इस्तीफा सौंपा।
  • प्रो. स्टीफन मरांडी प्रोटेम स्पीकर है अत: उन्होंने विधायकों के शपथ ग्रहण के दौरान विधायक के रूप में शपथ ग्रहण नहीं किया।
  • बहरगोड़ा के विधायक समीर मोहंती पर वारंट निर्गत होने के कारण उन्होंने विधायकों के शपथ ग्रहण के दौरान शपथ ग्रहण नहीं किया।
  • भाजपा के अनंत ओझा ने संस्कृत में शपथ लिया।
  • झारखंड की 5वीं विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र प्रत्याशी के रूप में नाला से झमूनों के विधायक रवीन्द्रनाथ महतो ने नामांकन पत्र दकजिल किया था। 7 जनवरी को इन्हे सर्वसम्मति से झारखंड विधानसभा का अध्यक्ष चुने गए। रवीन्द्रनाथ महतो झामुमो पार्टी से तीसरी बार नाला के विधायक चुने गए थे।
विधायक का नामविधानसभा क्षेत्रपार्टी
1.अंबा प्रसादबड़कागाँवकांग्रेस
2.पुष्प देवीछतरपुरभाजपा
3.सविता देवीईचागढ़झामुमो
4.सीता मुर्मूजामाझामुमो
5.पूर्णिमा नीरज सिंहझरियाकांग्रेस
6.जोबा माँझी मनोहरपुरझामुमो
7.अपर्णा सेन गुप्ता निरसाभाजपा
8.ममता देवीरामगढ़कांग्रेस
9.नीरा यादवकोडरमाभाजपा
10.दीपिका पांडेमहागामाकांग्रेस
  • नवंबर, 2020 में झारखंड मे रिक्त विधानसभा सीटों ( दुमका और बेरमों ) ओर उपचुनाव फिर से हुआ।
  • 2019 के विधानसभा चुनाव में झामुमो के हेमंत सोरेन दुमका तथा बरहेट 2 सीटों से जीते थे। जिसके बाद उन्होंने दुमका सीट से इस्तीफा दे दिया। दुमका विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में झामुमो के बसंत सोरेन ने भाजपा की लुईस मरांडी को हराया था।
  • 2019 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेन्द्र प्रसाद सिंह बेरमों सीट से जीते। मई, 2020 में उनके निधन के बाद यह सीट खाली हो गया। बेरमों विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के कुमार जयमंगल सिंह ने भाजपा के योगेश्वर महतो को हराया।
  • बाबूलाल मरांडी ( धनवार ) ने 2019 के विधानसभा चुनाव में झामुमो से चुनाव में खड़ा हुए थे। लेकिन बाद में वें भाजपा में चले गए।
  • प्रदीप यादव ( पोङैयाहाट ) ने 2019 के विधानसभा चुनाव में झामुमो से चुनाव लड़ा था लेकिन बाद में वें कांग्रेस में चले गए।
  • बंधु तिर्की ( मांडर ) ने 2019 के विधानसभा चुनाव में झामुमो से चुनाव लड़ा था लेकिन बाद में वें भी कांग्रेस में चले गए।
  • बेरमों के तत्कालीन विधायक राजेन्द्र प्रसाद सिंह के निधन के बाद उनके पुत्र कुमार जयमंगल ने उपचुनाव खड़े हुए और जीते भी।
  • हेमंत सोरेन 2019 की विधानसभा चुनाव में दुमका और बरहेट से जीत था। दुमका से उन्होंने अपनी दावेदारी छोड़ दी, जिस सीट पर संपन्न उपचुनाव में बसंत सोरेन ( झामुमो ) ने जीत दर्ज की थी।
  • 2019 के विधानसभा चुनाव में मधुपुर से निर्वाचित विधायक हाजी हुसैन अंसारी का निधन हो गया था। इस सिर पर हुए उपचुनाव ( 2 मई, 2021 ) को परिणाम की घोषणा ) में हाजी हुसैन अंसारी के पुत्र हाफ़िजूल हसान ( झामुमो ) से चुनाव जीता। इस निर्वाचन से पूर्व हि हाफ़िजूल हसान को सरकार में मंत्री बनाया गया था।

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