भारत में छेड़छाड़ की सजा क्या है? छेड़छाड़ के केस में कितने साल की सजा होती है?

छेड़खानी की सजा क्या है? लड़कियों से छेड़छाड़ करने पर क्या क्या सजा मिलती है

आज के वक़्त में छेड़छाड़ के मामले इतने बढ़ गए हैं कि 90 प्रतिशत तो कोई शिकायत ही नहीं करते हैं। जिसकी वजह से वह मामला एक दिन बहुत बड़ा हो जाता है जिसके कारण जब तक बहुत देर हो जाती है। और सब कुछ खत्म हो चुका होता है, कितने ही परिवार पूरी ज़िन्दगी शोक में गुजार देते हैं। तो कुछ की ज़िन्दगी उसके साथ ही हमेशा के लिए दफन हो जाती है।हमारे देश के जो सिस्टम है वो बहुत धीमा है लेकिन न्यायपूर्ण है लेकिन कभी कभी सबूत के आभाव में ना जाने कितने ही बेगुनाह लोग भी इसमे फंस जाते हैं। और जब तक सच्चाई पता चलती है तो आधी ज़िन्दगी गुजर चुकी होती हैं। और गुनाह करने वाले लोग बहुत आसानी से बच के निकल जाते हैं।

आज हमारे देश में ऐसे बहुत से ऐसे लोग है जो किसी ना किसी के द्वारा सताया हुआ है। चाहे वह स्त्री हो या पुरुष हो, अधिकतर वो लोग होते हैं जो बहुत ही दयनीय स्थिति में जी रहे होते हैं। और वह हार चुका होता है, जब उसके पास कुछ बचा ही नही तो भला किसके लिए लड़ेगा। भारतीय दंड संहिता के मुताबिक ग़र कोई व्यक्ति किसी महिला की मर्यादा यानी उसकी इज्जत को किसी भी तरह से भी ठेस पहुंचाने की कोशिश करता है। या उस पर हमला या जोर जबरदस्ती करता है, तो उस पर आईपीसी की धारा – 354 लगाई जाती है। जिसके तहत आरोपी पर दोष सिद्ध हो जाने पर उस व्यक्ति को 2 साल तक की कैद या जुर्माना, या फिर दोनों सजा का प्रावधान है।

कानूनी जानकार और हाई कोर्ट के वकील बताते हैं कि निर्भया केस के बाद एंटी रेप लॉ बनाया गया। जिसके तहत कानून में बहुत सारे बदलाव किए गए।

  • अब धारा – 354 के तहत छेड़छाड़ के मामले में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान किया गया है।
  • साथ ही कम से कम एक साल कैद की सजा का प्रावधान किया गया है। और इसे गैर – जमानती अपराध माना गया है। इसमे किसी भी तरह से रिहा नहीं किया जाएगा।
  • हाई कोर्ट के वकील मुरारी तिवारी बताते हैं कि एंटी रेप लॉ 2013 से प्रभावी है। और आईपीसी की धारा 354 में कई सब सेक्शन ( Sub Section ) यानी कि सेक्शन के उप सेक्शन बनाए गए हैं। इसके तहत छेड़छाड़ के लिए अलग – अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान किया गया है।

आईपीसी की

  • धारा – 354 ए
  • धारा – 354 बी
  • धारा – 354 सी और
  • धारा – 354 डी बनाया गया है, धारा 354 के चार पार्ट हैं इसके तहत कानूनी कारवाई की जाएगी की।
  • अगर कोई शख्स किसी महिला के साथ सेक्सुआल नेचर का फिजिकल टच करता है या फिर ऐसा कंडक्ट दिखाता है जो सेक्सुअल कलर लिया हुआ हो तो 354 ए पार्ट 1 लगेगा।
  • वहीं सेक्सुअल डिमांड करने पर पार्ट 2
  • मर्जी के खिलाफ पोर्न दिखाने पर पार्ट 3 और सेक्सुअल कलर वाले कंमेंट पर पार्ट 4 लगता है।
  • 354 ए के पार्ट 4 में एक साल तक कैद जबकि बाकी तीनों पार्ट में 3 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है।
  • नए कानून के तहत अगर कोई शख्स जबरन महिला का कपड़ा उतरवाता है या फिर उकसाता है तो धारा – 354 B के तहत केस दर्ज होगा और दोषी को 3 साल से लेकर 7 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है और मामला गैर जमानती होगा।
  • महिला के प्राइवेट एक्ट का फोटोग्राफ लेना और बांटने के मामले में आईपीसी की धारा – 354 C लगती है दोषी को एक साल से तीन साल तक कैद का प्रावधान है।
  • दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 3 साल से 7 साल तक कैद की सजा हो सकती है और यह गैर जमानती अपराध होगा।
  • वहीं लड़की या महिला का पीछा करना और कॉन्टैक्ट करने का प्रयास करना यानी स्टॉकिंग के मामले में आईपीसी की धारा – 354 D के तहत केस दर्ज होगा और दोषी को तीन साल तक कैद हो सकती है।

हरियाणा के पूर्व रहे डीजीपी एसपीएस ( Sps) राठौर को सुप्रीम कोर्ट ने छेड़छाड़ के मामले में 6 महीने कैद की सजा सुनाई थी। इस मामले में वो सजा भी काट चुके हैं, कुछ कानूनी जानकार बताते हैं कि पहले छेड़छाड़ के मामले में अधिकतम दो साल कैद की सजा का प्रावधान था, लेकिन निर्भया केस के बाद कानून में बदलाव किया गया है और अब छेड़छाड़ को विस्तार से व्याख्या करते हुए उसमें सजा के सख्त प्रावधान जोड़े गए हैं। 2013 में जब कानून में संशोधन हुआ था उसके बाद के मामलों में छेड़छाड़ के लिए नए कानून के तहत सजा का प्रावधान बनाया गया।

कानूनी जानकार व हाई कोर्ट के वकील नवीन शर्मा बताते हैं कि छेड़छाड़ के मामले को अब अपराध की गंभीरता के हिसाब से व्याख्या की गई है और अलग-अलग सब सेक्शन में सजा का अलग-अलग प्रावधान किया गया है।

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