Budget 2021 in hindi | 2021 – 22 का बजट कैसा है?

Budget/bajat kya hai? Budget Definition) 

बजट का मतलब क्या है?

बजट का मतलब होता है कि आप एक सीमित दायरे में रहकर एक निश्चित या निर्धारित समय के अंदर या अन्तराल में आप किस चीज पर कितना रुपये खर्च करेंगे और एक पूरा ब्यौरा बनाते है कि आप किसी भी चीज़ पर कितना खर्च करने वाले है खर्च करने से पहले आप निर्धारित करते हैं कि ये सब चीजों पर इतना इतना खर्च करेंगे। इस तरह के पैसा खर्च करने के तरीके को प्रक्रिया को बजट ( Budget) कहते हैं। 

Budget 2021 Highlights Point 👇

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2021 के बजट में क्या क्या है? बजट से इस बार किसको किसको अधिक फायदा होने वाला है? 

2021 – 22 का भारत का यह बजट बाकी पेश किये गए बजटों से बहुत ही अलग था, यह बजट एक डिजिटल तरीके से पेश किया गया बजट था क्योंकि इसमे वित्त मंत्री निर्मला सितारमन ने बजट जो पेश किया था वह एक टेबलेट यानि कि एक बड़े से स्मार्टफोन पेश किया था। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के लिए कुल 34,83,236 करोड़ रुपये के व्यय का बजट पेश किया है

इस बजट मे सबसे ज्यादा ध्यान सरकार ने हेल्थ केयर पर दिया है जिसमे बहुत से स्वस्थ केंद्र आदि खोलने का जिक्र किया है हेल्थ सेक्टर को करीब 2.2 लाख करोड़ रुपये दिए गए है। 

PLI   – Production linked incentive scheme  इस योजना के तहत आप जितना ज्यादा Production करेगा और विदेश में निर्यात करेगा उसको सरकार उतनी ही ज्यादा छूट देगी। 

Tax Holiday – Tax Holiday का मतलब क्या है? Tax Holiday का मतलब है यह है की अगर कोई इन्सान खुद का किसी तरह का व्यापार (Business) शुरू  करना चाहता है तो बड़े आसानी से कर सकता है इस tax holiday की मदद से करीब 2 से 3 साल तक उससे किसी तरह का भी कर (tax) वसूला नहीं जायेगा एकदम tax फ्री होगा। 

एक योजना (scheme) के तहत करीब 2 लाख नई कंपनियों को MSME का दर्जा देगी जिसके तहत उसे बहुत से टैक्स से राहत मिलेगी बहुत सी चीजों पर कंपनियों को छूट को मिलेगी। 

FDI   – Foreign direct investment  – इसमे आप ज्यादा विदेश में निवेश नहीं कर सकते है, इसमें ज्यादा से ज्यादा सरकार चाह रही है की पूंजीपति भारत में ही निवेश करे, चाइना कैसे ग्रोथ करता है उसका कारण एक है की बहुत से देशो के पूंजीपति लोग सबसे ज्यादा निवेश (invest) चाइना में ही करते है जिसके कारण वहां बहुत से चीजो का Production बहुत अधिक मात्रा में होती है और बहुत सस्ती भी पड़ती है। 


जो लोग लोन लेते है अब वो होशियार हो जाये क्योंकि अब 20 लाख लोन ले के भागने की कोशिश करेंगे तो आप पर कड़ी करवाई होगी सजा भी हो सकती है। 


NRI  –  के लिए एक सुनहरा ऑफर है NRI अब भारत में अपना व्यापार बड़े आसानी से कर सकता है लेकिन एक पर्सन के साथ यानि कि किसी एक को सारा काम hand over कर सकता है या फिर खुद कर सकता है, यानि कि इस व्यापार में सिर्फ एक ही पर्सन होंगे जो सारा काम देखेंगे बाकी सब उसके अंदर सैलरी पर ही काम करेंगे, इस व्यापार में अन्य किसी तरह का पद (Post) नहीं होगा जैसे की CEO, Manager, CA. 


आने कुछ सालों में भारत के एक राज्य और एक ही जिले में बिजली कि अलग अलग कंपनियां होगी जो अलग अलग दामों में बिजली और सुविधाये उपलब्ध कराएगी यानि कि बिजली विभाग अब कई हिस्सों में बटने वाली है अब बिजली विभाग का Hand ओवर अब अलग अलग प्राइवेट कंपनियों के हाथ में जाने वाली है जिसमे सब का अपना अलग अलग रेट होगा सब कि अलग अलग सर्विसेस  होंगी। 

ITR ITR (Income tax Return) अब 75 साल से ऊपर के लोगों को ITR भरना नहीं पड़ेगा मतलब ये नहीं है कि टैक्स नहीं देना पड़ेगा टैक्स तो देना ही पड़ेगा, मतलब यह है कि उन्हे किसी तरह का अब form fill up करने कि आवश्यकता नहीं है बैंक खुद उसके खाते से टैक्स काट लेगी उन्हे किसी CA का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, अब इससे थोडा सा राहत मिलेगा ऐसा कह सकते है। 


सरकार को सबसे ज्यादा आय (Income) कहाँ से होती है?

देखा जाये तो सबसे ज्यादा सरकार को आय उधर यानि ऋण से आती है। 

उधर से करीब सरकार को 36% की आय होती है

दूसरा है GSTGST के आने से सरकार को करीब 15 % आय GST से ही होती है इसके आने अब GST से कोई नहीं बाख सकता है GST के दायरे में आने वाले सभी से GST वसूले जायेंगे।

ITRITR (Income tax Return) से सरकार को करीब 14 % की आय होती है। 

Corporation = Corporation से सरकार को करीब 13 % की आय होती है ये टैक्स सिर्फ बड़ी बड़ी कंपनियों से लिया जाता है टाटा बिरला जैसेकंपनियों से। 

अब जो काम सरकार नहीं कर पा रही है या उसे करने में सक्षम नहीं है तो उसे अब प्राइवेट कंपनियों के हाथ में दे देगी साथ में उस कंपनी को कुछ पैसे भी दे देगी इसे Disinvestment कहते है।

जिस रेलवे ट्रेक का इस्तेमाल रेलवे नहीं कर रही है यानि कि जो ट्रेक बंद हो चुकी है बेकार पड़ी है उसे रेलवे कंपनी किसी को पट्टा (lease)  पर दे देगी, रेलवे के पास बहुत सी फालतू जमीने पड़ी है जिसका इस्तेमाल अब नहीं करती है। 

रेलवे कंपनी के पास रेल स्क्रैप पार्ट्स भी बहुत पड़े हुए है उसे भी अब बेच देगी रेलवे के आलाव  ये सब चीजों को कोई बेच भी नहीं सकता है। 

धीरे धीरे रेलवे को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक करने का निर्णय किया हैक्योंकि डीजल दुसरे देशो से आयत करना पड़ता है जिससे डीजल बहुत महंगी पड़ती है। 

सरकार लगभग 8500 से नई हाइवे बनाएगी और प्रतिदिन 22 किलोमीटेर सड़क बनाने का लक्ष्य/तर्ज रखी गई है। 

Vehicle Scrap Policy 2021-22 की घोषणा के तहत 20 साल से अधिक पुरानी पर्सनल वाहन (Private Vehicles) को सरकार ने हटाने की घोषणा की है। 

और साथ में 15 साल पुरानी व्यावसायिक वाहन ( Commercial Vehicle ) को भी सड़क पर से हटाने की घोषणा की है। 

सभी इलेक्ट्रोनिक्स डिवाइसेस महंगी होगी जो विदेश से आयत होते है। 

शराब के दामो में बढ़ोतरी की जाएगी। 

मेटल से बने घर बनाने में इस्तेमाल होने सामानों की कीमते घटेगी।  

Defence सेक्टर को सरकार 4 लाख 80 हाकर करोड़ रुँपये दिया गया। 

रेलवे को 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये दिया गया। 

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