Yusuf Bashir Quraishi ki Shayari – यूसुफ बशीर क़ुरैशी की बेहतरीन शायरी हिंदी में

Yusuf Bashir Quraishi ki jabardast Shayari

yousuf bashir qureshi ki hindi shayari, poetry,kavita | यूसुफ बशीर क़ुरैशी की बेहतरीन शायरी

कभी मिल तो तुझको बताएं हम
तुझे इस तरह से सताएं हम 
तेरा इश्क़ तुझसे छीन कर
तुझे मय पिला कर रुलाएं हम
तुझे दर्द दूं , तू ना सह सके
तुझे दूं जुबां, तू ना कह सके 
तुझे दूं मकां, तू ना रह सके
तुझे मुश्किलों में घेर के, मैं कोई ऐसा रस्ता निकाल दूं
तेरे दर्द की मैं दवा करूं, किसी गरज के मैं सिवा करूं
तुझे हर नज़र पर उकेर दूं, तुझे ज़िन्दगी का सउर दूं 
कभी मिल भी जाएंगे गम ना कर, हम गिर भी जाएंगे गम ना कर
तेरे एक होने में शक नहीं, मेरी नियतों को तू साफ कर
तेरी शान में भी कमी नहीं, मेरे इस कलाम को तूं माफ कर
*****
एक सोच अकल से फिसल गई 
मुझे याद थी की वो बदल गई 
मेरी सोच थी की वो ख्वाब था 
मेरी ज़िन्दगी का हिसाब था
मेरी जुस्तजू की बरक्स थी 
मेरी मुश्किलों का वो अक़्स था 
तुझे याद हो तो वो सोच थी 
जो ना याद हो तो गुमान था 
*****
मुझे दिल दिया मुझे जान दी 
वो जुबां जिसे ना चला सके 
वो दिल जिसे ना मना सके 
वो जान जिसे ना लगा सके 
*****

0 0 votes
Article Rating
0 0 votes
Article Rating

Leave a Reply

0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x